सलोनी तिवारी: वृन्दावन: अंशिका मीडिया की संपादक ने जब प्राचीन रासमण्डल में पूज्य श्री हित लाडलीशरण जी महाराज से वहां विराजमान लाड़ली जी की दिव्य प्रतिमा के स्वरूप के बारे में प्रश्न किया, तो उन्होंने अत्यंत भावपूर्ण उत्तर में कहा: “यह प्रतिमा कृष्ण मय है। इसमें स्वरूप ठाकुर जी का है और श्रृंगार राधा रानी का, अर्थात यह प्रतिमा जुगल जोड़ी का अद्वितीय प्रतीक है।” महाराज जी ने रासमण्डल के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह स्थान भक्ति, रसराज और दिव्य लीलाओं का केंद्र है, जहां राधा और कृष्ण एक आत्मा, दो शरीर नहीं बल्कि एक ही स्वरूप में प्रकट होते हैं।
इस प्रतिमा के दर्शन मात्र से भक्त एक साथ राधा-कृष्ण के संयोग स्वरूप का अनुभव कर सकते हैं — यह न केवल आध्यात्मिक दर्शन है, बल्कि अनुभूति का चरम बिंदु भी है।पूज्य महाराज जी के इस भावपूर्ण कथन ने वहां उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। अंशिका मीडिया के माध्यम से समस्त भक्तों तक इस दिव्यता की अनुभूति पहुंचाई जा रही है।
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